सुल्तानपुर: ज्योतिष पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार को अपनी ‘गो प्रतिष्ठा पदयात्रा’ के तहत सुल्तानपुर पहुंचे। जनपद में प्रवेश करते ही भक्तों और विभिन्न दलों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। फूलों से सजी गाड़ी में सवार शंकराचार्य ने लखनऊ प्रस्थान करने से पहले मीडिया से मुखातिब होते हुए गो-रक्षा और हिंदू राष्ट्र जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बेबाक राय रखी।
स्वामी जी ने हिंदू राष्ट्र की मांग पर चल रही चर्चाओं के बीच शंकराचार्य ने एक गंभीर तर्क सामने रखा। उन्होंने कहा कि
”आज अगर हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाए, तो क्या कल सुबह से गो-हत्या बंद हो जाएगी? यदि हिंदू राष्ट्र में भी गो-माता की हत्या जारी रहती है, तो यह उससे भी बड़ा अपमान होगा। इसलिए प्रतीकों की राजनीति छोड़िए, पहले गो-माता की हत्या बंद कराइए।”शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि गो-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध उनकी पहली प्राथमिकता है, बाकी सभी बातें इसके बाद होनी चाहिए।



केंद्र और राज्य के समन्वय पर दी संवैधानिक सलाह
गो-रक्षा कानून में हो रही देरी और जिम्मेदारी के सवाल पर उन्होंने संवैधानिक प्रक्रिया का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार तभी कानून बनाती है जब राज्य सरकारें अपने स्तर पर कानून बनाकर प्रस्ताव भेजती हैं।राज्यों का समूह ही केंद्र सरकार का आधार है।जब तक राज्य सक्रिय होकर प्रस्ताव नहीं भेजेंगे, केंद्र की ओर से प्रभावी कदम उठाना मुश्किल होगा।
स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का जोरदार स्वागत,भक्तिमय रहा माहौल
सुल्तानपुर सीमा में प्रवेश करते ही लंभुआ स्थित हनुमान मंदिर में शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया गया। महाराज जी ने बजरंगबली की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा भी किया।इसके पश्चात सुल्तानपुर के पयागीपुर चौराहे पर विभिन्न दलों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।इस दौरान भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने मीडिया के सामने कई सवाल और अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से रखा।इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े।








