Monday, March 23, 2026
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कौन है सुल्तानपुर एसपी लेडी सिंघम चारु निगम:-धाकड़ अधिकारियों में होती है गिनती

सुल्तानपुरयूपी में बीती रात 24 आईपीएस अफसरों के तबादले हुए।जिंसमे अयोध्या आईजी/एडीजी प्रवीण कुमार को लखनऊ के एडीजी बनाया गया।वही एसएसपी मिर्जापुर सोमेन बर्मा को अयोध्या का डीआईजी बनाया गया है। उधर एसपी कुंवर अनुपम सिंह को जौनपुर का एसपी नियुक्त किया गया है। उनके स्थान पर चारू निगम को सुल्तानपुर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। कुंवर अनुपम सिंह ने जनवरी 2025 में जिले का कार्यभार संभाला था और वे यहां 13 महीने तक एसपी रहे। इस दौरान उन्हें पदोन्नति मिली और वे एसएसपी बनाए गए। वहीं, चारू निगम पीएसी गाजियाबाद की सेनानायक के पद से सुल्तानपुर एसपी के रूप में भेजी गई हैं।

चारु की फैमिली आगरा से ताल्लुक रखती है।दिल्ली डीडीए में जॉब लगने के बाद उनके पिता फैमिली के साथ नई दिल्ली शिफ्ट हो गए थे।- चारु की स्कूलिंग भी दिल्ली से ही हुई।चारु ने आईआईटी से बीटेक किया है। उनके पास आराम की नौकरी करने का ऑप्शन था, लेकिन पापा के कहने पर चारु ने पीसीएस की तैयारी शुरू की।

चारु ने पापा के कहने पर लोक सेवा आयुक्त एग्जाम की प्रिपरेशन तो शुरू कर दी, लेकिन पहली बार में सफल नहीं हो पाईं।2010 के सिविल सर्विसेस एग्जाम में बैठीं, लेकिन निराशा ही हाथ लगी।ऐसे मुश्किल टाइम में उनका सपोर्ट बने उनके पापा।चारू ने एक इंटरव्यू में बताया, “पापा हमेशा मुझे सपोर्ट करते थे। उन्होंने मेरी स्टडीज में भी काफी हेल्प की।”

उन्होंने बताया था कि पढ़ाई को लेकर वो खुद पर कभी प्रेशर नहीं डालती थीं। केवल 6 महीने की पढ़ाई से आईपीएस परीक्षा में उन्होंने सफलता हासिल की।उनके मुताबिक, हंसना जैसे उनकी हॉबी है। इसके कारण वे स्कूल, कॉलेज में कई बार सजा पा चुकी हैं। हंसने के अलावा उनको हॉर्स राइडिंग और कुकिंग का शौक है। खाली समय में वे अपनी फैमिली के लिए कुक करती हैं।अपने एक साक्षात्कार में चारू ने बताया था कि वह बचपन से ही काफी हंसमुख थीं, जिसके कारण उन्हें स्कूल और कॉलेज में भी कई बार डांट सुननी पड़ती थी। साल 2014 में चारू को झांसी में पहली पोस्टिंग मिली। उन्होंने चंबल जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी खुशी-खुशी कार्यभार संभाला, जहां अनुभवी आईपीएस अधिकारी भी जाने से कतराते हैं।पोस्टिंग के कुछ समय बाद ही उन्होंने खनन और शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ दिया। उन्होंने पशु, गांजा और चरस की तस्करी करने वालों के विरुद्ध भी ताबड़तोड़ कार्रवाई की। आईपीएस चारू की कार्यशैली के कारण खनन और शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया। अपनी दमदार और बेदाग कार्यशैली के कारण झांसी के लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ कहकर पुकारते थे।