
- विधिक प्राधिकरण के सचिव के प्रयास से 2 लाख 67 हजार रिकवरी लोन 76800 मे हुआ सट आफ
- विधिक सेवा प्राधिकरण के जिम्मेदार कायम कर रहे अनोखी मिशाल।
दस्तक भारत ब्यूरो
सुल्तानपुर। पिता को पता ही नहीं था कि बेटे ने लोन लिया है।यह खुलासा तब हुआ जब बुजुर्ग पिता के पास लोन जमा करने के लिए नोटिस पर नोटिस आने लगी।जबकि कई वर्ष पहले से बेटा पंजाब में स्थाई तौर पर रह रहा है।फिलहाल बुजुर्ग पिता ने विधिक प्राधिकरण के जिम्मेदारों से गुहार लगाई।सचिव के प्रयास पर 2 लाख 67 हजार की रिकवरी 76800रु जमा कराकर निपटाया गया।
पीड़ित बुजुर्ग के पुत्र ने सीडी/कैसेट की दुकान करने के लिए लिया था।यह लोन इंडियन बैंक बस स्टेशन से था।पुत्र ने घर मे किसी को बताया भी नही था।बेटा पंजाब जाकर बस गया।कई नोटिस पंच रास्ते स्थित (पिता) सरदार सुरेंद्र सिंह के घर पहुँचने लगी,आउटस्टैंडिंग /रिकवरी की नोटिस से परेशान बुजुर्ग ने विधिक सेवा प्राधिकरण से मदद की गुहार लगाई।जिस पर एडीजे/सचिव अभिषेक सिन्हा ने बैंक मैनेजर अजीत कुमार मिश्रा से वार्ता कर वादी की ढलती उम्र(90वर्ष) का ख्याल में रखते हुए रियायत देने की बात कही।
इसी क्रम में सोमवार को उपरोक्त धन राशि बैंक में जमा करा कर बुजुर्ग की मदद की गई।इस मदद पर प्राधिकरण के सचिव समेत जिम्मेदारों की भूरि भूरि सराहना कर आभार व्यक्त किया हैं।