- झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चो का हुआ मेडिकल चेकअप,दी गयी मुफ्त में दवा
- बाल सृजन में निःशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों का हुआ मेडिकल चेकअप
- –जिले के एक्सपर्ट डॉक्टर्स ने बच्चों का किया शारीरिक परीक्षण
सुल्तानपुर।झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले जिन बच्चों के दिन की शुरुआत भीख मांगने, पन्नी और कबाड़ बीनने से होती थी, वे अब हर रोज नियमित रूप से बाल सृजन 1.0 (Baal Srijan 1.0 Team ) मुहिम के द्वारा चलाये जा रहे विद्यालय में जा रहे हैं। बच्चों के जीवन में यह बदलाव आया है समाजसेवी अभिषेक सिंह (Abhishek Singh Ankuran )व निशान्त द्विवेदी Nishant Dwivedi Srijan)प्रयासों से। बच्चे स्वस्थ रहे, इसके लिए जिले के एक्सपर्ट डॉक्टर्स इस मुहिम में जुड़कर समय-समय पर नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने की शुरुआत कर दी हैं।
युवा समाजसेवी अभिषेक बताते हैं कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग अपने बच्चों को आर्थिक परिस्थितियों के चलते नियमित स्कूल नहीं भेज पाते हैं।इसलिए हमने युवाओं की मदद से पहल की शुरुआत की है।वही निशान्त द्विवेदी का कहना है कि माता-पिता जब मजदूरी पर चले जाते हैं तो बच्चे पन्नी और कबाड़ बीनने जैसे कामों में लग जाते हैं।इसलिए बच्चो को हम और हमारे युवा साथियों ने शिक्षित करने का जिम्मा लिया है।
बाल सृजन में करीब 60 बच्चों के मेडिकल चेकअप के लिए महिला चिकित्सक डॉ आस्था त्रिपाठी ( Dr Astha Tripathi) ने अपने टीम के डॉक्टर्स पैनल के साथ बच्चो व बच्चियों का शारीरिक परीक्षण किया।डॉ ताबिश ने बच्चों को साफ सफाई रखने के विषय मे जानकारी दिया ।डॉ अमृता, डॉ अंजुम,डॉ फ़ायका ने संतुलित आहार व व्यायाम करने के विषय मे जानकारी दिया।टीम के वरिष्ठ मार्गदर्शक जितेंद्र श्रीवास्तव व सरिता यादव ने सभी डॉक्टर्स का स्वागत करते हुए आभार प्रकट किया।मयंक द्विवेदी ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।इस मौके पर ज्ञानेंद्र सिंह,अर्पित, कुलदीप शर्मा,रंजीत अन्य मौजूद रहे।
- रमजान के पवित्र महीने में निभाया सेवा धर्म
वही एमबीए छात्रा आएशा सिद्दीकी ने रमजान के पवित्र महीने में जकात की परंपरा को कायम रखते हुए सभी बच्चों को इफ्तार (खाद्य सामग्री) वितरित कर सेवा धर्म निभाया है।