शिक्षामित्र बोली पठन पाठन में बच्चे हर सवाल का दिए जवाब,नहीं मिली कोई खामी। मै दलित हूं, सवर्ण टीचर के खिलाफ शिकायत को किए नजरंदाज।
सुल्तानपुर(दस्तक भारत न्यूज)।यूपी में योगी सरकार जहां एक ओर बेसिक महकमें मे शिक्षण व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने के लिए सकारात्मक पहल कर रही है और शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाने का सराहनीय काम किया है।वही सुल्तानपुर बीएसए का अपना अलग नियम कानून चल रहा है।बेसिक स्कूल के बच्चों को कैद करने के मामले में करीब पखवारे भर बाद बीएसए जांच करने पहुंचे।वही महिला दलित शिक्षा मित्र की शिकायत को नजरंदाज करने का प्रयास करते रहे।शिकायतकर्ता बच्चों को क्या पढ़ाती है पहले इसी जांच में जुट गए।फिलहाल बच्चों ने हर सवाल का सही जवाब दिए।शिक्षामित्र भी रोजाना बच्चों की कॉपियां भी चेक की थी।इसी बात पर शिक्षामित्र बीएसए से भिड़ गई।बोली मैने भी आप व बीईओ से शिकायत किया था।उस जांच का क्या हुआ।उल्टे बीएसए ने कहा कि तुम राजनीति ज्यादा कर रही हो।ऐसे में एससी समुदाय से आती हूं इसलिए कार्यवाही करने की धमकी दी जा रही है।
मामला लंभुआ ब्लॉक के वैनी कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को बंद करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने सोमवार को लंभुआ क्षेत्र के वैनी (बेनी) कंपोजिट विद्यालय में हुए विवाद और वायरल वीडियो के मामले में निरिक्षण किया।इस मामले में रामा राजेश्वरी का कहना है कि 13 फ़रवरी को विद्यालय के कुछ शिक्षकों (अमित शांडिल्य, गुड़िया गुप्ता और गरिमा पांडेय) ने उनके कक्ष में घुसकर जबरन वीडियो बनाया और उनके साथ अभद्रता की। उन्होंने आरोप लगाया कि वे SC समुदाय से आती हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, शिक्षकों ने उन्हें धमकाते हुए कहा, “तुम्हारी 10 हजार की नौकरी चट कर जाएंगे।” उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत BEO (खंड शिक्षा अधिकारी) और BSA (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी) से की थी। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी मदद करने के बजाय उनके खिलाफ ही कार्रवाई की बात कही और उन पर “राजनीति करने” का आरोप लगाया। प्राथमिक जांच में स्कूल स्टाफ, ग्राम प्रधान और अभिभावकों (SMC) के बीच आपसी तालमेल की कमी और निजी विवाद की बात सामने आई है,जिसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है।उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि प्रधानाध्यापिका या अन्य स्टाफ की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।बीएसए ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को तत्काल विस्तृत जांच सौंपने को कहा है।
बता दें कि 13 फरवरी को एक वीडियो सामने आया था जिसमें प्रधानाध्यापिका प्रतिभा त्रिपाठी बच्चों को गेट के अंदर बंद करके बाहर जाती दिख रही हैं। वीडियो में बच्चे उनसे गेट खोलने का अनुरोध करते भी सुनाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में एक बाहरी व्यक्ति बच्चों की पिटाई करता नजर आ रहा है।हैरानी की बात यह है कि शिक्षामित्र उसे रोकने का प्रयास कर रही थी,लेकिन विद्यालय का अन्य स्टॉफ इस घटना को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। फिलहाल इस जिले में भी बीएसए की तरफ से शिक्षकों का सस्पेंशन फिर सेवा समाप्ति किए जाने की चर्चाएं आम हैं।सूत्रों पर यकीन करे तो कुछ ऐसे भी शिक्षक है जिन्हें जबरन विद्यालय का इंचार्ज इस लिए बनाया गया हैं जिससे धन का बंदरबांट होता रहे।
तैनात 06 शिक्षकों का वेतन और तीन शिक्षामित्रों का रोका मानदेय
कंपोजिट विद्यालय वैनी में सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी पहुंच गए। ग्राम प्रधान की शिकायत पर जांच करने पहुंचे बीएसए को शिक्षक-शिक्षामित्र व ग्राम प्रधान में तालमेल की कमी दिखी। वहीं, ग्राम प्रधान ने मध्याह्न भोजन बनवाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। महज 12 दिन पहले बीईओ ने भी इस विद्यालय का निरीक्षण किया था।
बीईओ की रिपोर्ट और सोमवार के निरीक्षण के बाद बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने कंपोजिट विद्यालय वैनी में तैनात छह शिक्षकों का वेतन और तीन शिक्षामित्रों का मानदेय रोक दिया है।








