
जिलाधिकारी के जरिये राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन,अब मिल रही धमकी..
राम बरन पीजी कालेज विभारपुर जयसिंहपुर से जुड़ा है फर्जी वाडा
सुल्तानपुर।उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में राम बरन पीजी कॉलेज विभारपुर जयसिंहपुर में डी फार्मा छात्रों के साथ फर्जी डिग्री के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला सामने आया है। जांच में डी फार्मा की सभी मार्कशीट सत्यापन में फर्जी मिली हैं। जिससे आधा दर्जन छात्रों का भविष्य भी अधर में लटक गया है।छात्रों का आरोप है कि कई किश्तों में नगद व ऑनलाइन पैसा जमा कराने के बाद फर्जी अंकपत्र व डिग्री पकड़ा दी गयी है। फिलहाल छात्रों ने राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा है।जिससे कालेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने आरोप लगाया गया है कि कॉलेज के एसएस पैरा मेडिकल इंस्टिट्यूट में सैकड़ो छात्र डी फार्मा कर रहे है।जिनकी मार्कसीट व डिग्री फर्जी पाई गई।जब इसकी शिकायत कालेज के जिम्मेदारो से की गई तो पैसा वापस न कर धमकी देने लगे। डी फार्मा के छात्रों में स्वप्निल सोनी,अतीकुर्रहमान, प्रसंग सिंह,आशीष बिंद, विशाल कनौजिया,दुर्गेश शर्मा,विपिन तो बानगी भर है,इनके अलावा भी दर्जनों छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रबन्धक अजय सिंह की मिली भगत से संजय सिंह,अमर सिंह व प्रज्ज्वल मिश्र बिना वैधानिक मान्यता के डी फार्मा करा रहे है प्रत्येक छात्रों से डेढ़ लाख रु अब तक ले चुके है,विश्वास दिलाने के लिये परीक्षा भी दिलाये।
छात्रों में जब ग्रीन कार्ड के लिए किया आवेदन तो खुली पोल
लखनऊ स्थित पीसीआई में ग्रीन कार्ड के लिये आवेदन किया तो कालेज की कलई खुल गई।बताया गया कि मार्क सीट,डिग्री फ़र्जी है जेल जाओगे।किसी तरह अनुनय विनय कर छात्र वापस आये।ऐसे में कॉलेज के जिम्मेदारों ने हम सबके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। जिस पर कालेज के खिलाफ कार्यवाही करते हुए पैसा वापस कराया जाय।फिलहाल छात्रों ने ज्ञापन देने के साथ ही सीएम, राज्यपाल से रजिस्टर्ड डाक व सीएम पोर्टल पर शिकायत किया है।
शासन सत्ता को गुमराह कर चल रहा था मार्कशीट Scam..
वही छात्रों के आरोप पर जिम्मेदारों का कहना है कि पैसा वापस नही दूंगा। मैं अफसरों को ऊपर मैनेज कर लूंगा। बता दे कि इस कॉलेज में राज्यपाल व सीएम योगी तक आ चुके हैं।ऐसे में इससे जुड़े पैरा मेडिकल इंस्टिट्यूट में अध्ययनरत छात्रों से वसूली के मामले ने कॉलेज के साख पर बट्टा लगा दिया हैं।जिसकी चर्चाये आम हैं।वही छात्रों ने भी कानूनी एक्शन व पैसा वापस न हुआ तो आर पार की लड़ाई के मूड में है।