
सुल्तानपुर में सक्रिय है एसटीएफ,फिसड्डी है जिले की पुलिस,आए दिन हत्थे चढ़ रहे इनामिया बदमाश
-इनामिया अपराधियों के लिए शरणस्थली बना जनपद।
-एक्शन में है एसपी,आराम फरमा रही लोकल पुलिस।
सुल्तानपुर।जिले में यूपी एसटीएफ सक्रिय है।कही इनकाउंटर कर रही है।तो कही न कही से आधा दर्जन इनामिया अपराधियों को अरेस्ट कर जेल भेज चुकी है।वही जिले की पुलिस फिसड्डी कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं।तभी तो हत्या जैसी प्रमुख वारदातों में वांछित इनामिया आरोपियों को पुलिस अरेस्ट नहीं कर सकी है।जबकि जिले में आते ही एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने थानावार सक्रिय अपराधियों के खिलाफ गुंडा एक्ट,मिनी गुंडा यहां तक कि हिस्ट्रीशीट तक खोल दिया है।इस पाबंदी से आरोपियों में हड़कंप मच गया है।जहां तक पुलिस की सक्रियता का सवाल है तो मुख्य आरोपियों तक लोकल पुलिस नहीं पहुंच सकी है।
एसटीएफ ने फिर धरा इनामिया अपराधी साहब मिश्रा,भेजा जेल
यूपी एसटीएफ ने चांदा थाना क्षत्र से 50 हजार के इनामी अपराधी साहब मिश्रा उफ मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। लखनऊ पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी।एसटीएफ लखनऊ यूनिट ने मंगलवार सुबह चांदा थाना क्षेत्र के बेतीकलां गांव में घेराबंदी कर यह कार्रवाईं की। साहब मिश्रा ने भागने की कोशिश की।लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण वह बच नही पाया।गिरफ्तार अभियुक्त पर चांदा थाने मेंतीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।वह लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में भी एक मामले में वांछित था। लखनऊ पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था।यह ऑपरेशन इतनी गोपनीयता से किया गया कि स्थानीय पुलिस कों भी जानकारी नहीं थी। गिरफ्तारी केबाद जिला पुलिस सक्रिय हुई। लंभुआ क्षेत्राधिकारी अब्दुस सलाम ने बताया कि यह कार्रवाईं एसटीएफ के सीओ प्रमेश शुक्ल के नेतृत्व में की गईं।लोकल पुलिस ताकती रह गई।
सराफा लूट कांड में भी एसटीएफ की रही भूमिका
व्यस्ततम इलाका चौक में सराफा व्यवसाई के यहां दिनदहाड़े करोड़ों के जेवरात लूट कांड में मुख्य आरोपी मंगेश यादव का इनकाउंटर एसटीएफ ने किया था।शेष दर्जन भर आरोपी की गिरफ्तारी एसटीएफ ने ही किया था।लोकल पुलिस न तो सराफा को सुरक्षा दे पाई थी।न ही अरेस्ट कर पाई।अंत में पुलिस महकमे के सीनियर अफसरों के निर्देश पर नगर कोतवाल रहे अरुण द्विवेदी को यहां से हटाकर इतिश्री कर ली थी।फिलहाल एसटीएफ की सक्रियता से जेवरात व नगदी बरामद हो गया था।
एसटीएफ ने जमीन के नाम पर ठगी के मामले में शाइन सिटी के कई आरोपी किए अरेस्ट
यूपी एसटीएफ ने शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजक्ट प्रा.लि. में कार्यरत चालक व एमडी के ग़नर बलिया निवासी इनामिया विनय सिंह को कोतवाली नगर के पयागीपुर चौराहे से 11जनवरी को गिरफ्तार किया था।वही इसी कंपनी के कंप्यूटर ऑपरेटर निवासी प्रयागराज शाहिद अख्तर को 31जनवरी को कोतवाली नगर के सीताकुंड से एसटीएफ के दरोगा सौरभ मिश्रा ने अरेस्ट किया था।शाहिद पर 50हजार रु का ईनाम था।
व्यापारी हत्याकांड का आरोपी भाजपा नेता पुलिस पकड़ से दूर
अक्टूबर माह में दोस्तपुर थानाक्षेत्र के व्यापारी संतराम अग्रहरि की हत्या कर दी जाती है।पुलिस की लापरवाही पर पूर्व एसओ तरुण पटेल को सस्पेंड कर इति श्री पुलिस कर लेती है।दोस्तपुर एस ओ पंडित त्रिपाठी अभी भी इस हत्या के मुख्य आरोपी भाजपा नेता अर्जुन पटेल को अरेस्ट नहीं कर सकी है।वही कोतवाली देहात में दर्ज अधिवक्ता मो आजाद हत्याकांड का मुख्य आरोपी एक लाख रु का इनामिया बदमाश मो. सिराज भी पुलिस पकड़ से दूर है।मृतक के परिजन व मुकदमे में नामित वकील को आए दिन धमकी भी मिल रही है।फिलहाल पुलिस ने धमकी का मुकदमा दर्ज कर हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
ऐसे में जिले के दरोगा हो या थाना प्रभारी कागजी कोरम पूरा कर गिरफ्तारी में रुचि नहीं ले रहे हैं।जिसका नतीजा ये है कि यूपी एसटीएफ इनामिया आरोपियों की धड़पकड़ में आगे है।जिले कि पुलिसिंग फिसड्डी साबित हो रही है।तभी गैर जनपद के अपराधियों के लिए यह जनपद सेफ जोन यानि ठहराव का ठिकाना बन गया है।ऐसे में एसपी कुंवर अनुपम सिंह को अपराधियों के साथ ही लोकल पुलिस पर भी नकेल कसनी होगी,अन्यथा पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल उठना लाजमी भी हैं।