Friday, January 16, 2026
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सुल्तानपुर में प्राइवेट टैक्सी संचालको की मनमानी:-यात्रियों से 250 से 300 रुपए वसूल रहे किराया,प्रशासन के सारे दावे फेल…

लखनऊ/सुल्तानपुर।यूपी सीएम योगी के सख्त निर्देशों के बावजूद भी सुल्तानपुर से लखनऊ जाने वाले प्राइवेट टैक्सी एर्टिगा यात्रियों से मनमानी किराए की वसूली कर रही है।इसके बावजूद भी सुल्तानपुर एआरटीओ प्रशासन डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई करने से लगातार परहेज करता चला आ रहा है। जिसका नतीजा यह होता है कि आए दिन इन डग्गामार वाहनों की मनमानी के चलते यात्रियों की जेब पर असर पड़ रहा है।मिली जानकारी के अनुसार यात्रियों से अवैध टैक्सियों द्वारा वसूली जाने वाली मोटी रकम का एक हिस्सा जिले के अलग महकमों को भी जाता है।दस्तक भारत न्यूज ने जब प्राइवेट टैक्सियों द्वारा वसूले जाने वाली खबर की पड़ताल किया तो और भी बातें सामने आई है।

यात्री:-लखनऊ से सुल्तानपुर चलोगे.?

एर्टिगा गाड़ी ड्राइवर:-हा आइए चलेंगे ,बैठिए,बस 02 सवारी कम है

यात्री:-कितने लोग बैठते है.?

ड्राइवर:- कुल 09 लोग ..

यात्री:-एर्टिगा में सिर्फ 07 लोग बैठते है

ड्राइवर:-नही भैया,तब तो लागत भी नही निकेलगी

यात्री:-किराया कितना लोगे,जितना सब लेते है जो किराया है

ड्राइवर:-आधे रास्ते आकर CNG पेट्रोल पंप पर सब लोग 250 दीजिए

यात्री:-किराया तो 200 रुपये है

ड्राइवर:-नही 250 है,बहुत दिक्कत चल रही है,इसमे हम लोग कई जगह पैसा देते है।

यात्री:-जब यात्री ने 250 रुपये किराया ज्यादा होने की बात कही तो,बोला यह गाड़ी अर्जुन की है और मेरा नाम मोनू है इतना ही लूंगा जहाँ शिकायत करना है कर दो…

उपरोक्त बातें प्राइवेट टैक्सी एर्टिगा वाहन सँख्या यूपी 44 BE 0920 के ड्राइवर ने किया और जबरन 200 की जगह 250 प्रति यात्री लिए है।

प्रशासन की मिलीभगत के कारण सड़कों पर सवारी भरकर प्राइवेट टैक्सियां दौड़ रही है।ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन के सख्ती के बाद भी प्राइवेट टैक्सियां कैसे और किसके मिली भगत से गाड़ी चला रही है और हर यात्री से अलग अलग किराया क्यों वसूल रही है।कुछ दिनों पूर्व पुलिस कप्तान की सख्ती के बाद प्राइवेट टैक्सी संचालको पर लगाम लगी थी।इतना ही नही सुल्तानपुर एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला व आरटीओ प्रवर्तन ने भी चेकिंग चलाकर कुछ टैक्सियों पर कार्रवाई तो,लेकिन फिर अब इन सब टेक्सी संचालको की मनमानी जारी है। इनमें मैजिक, वैन और निजी बसें भी शामिल हैं। यातायात महकमा सिर्फ जिले में अवैध रूप से चल रहे डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई सिर्फ कागजों पर कर रहा है।इतना ही नही 7 लोगो की जगह वाले वाहन में 09 लोगो को बैठा कर सड़को पर दौड़ा रहे है।ऐसे में सेफ्टी एयर बैग जैसे उपकरणों सब बेकार साबित हो रहे है। कुछ टैक्सियां केवल पुराने और जर्जर ही नही, बल्कि इनमें सवारी भरने की क्षमता से कहीं अधिक लोग ठूंस-ठूंसकर ले जाए जाते हैं। इसके अलावा इन वाहनों के चालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना आम बात है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सड़क हादसों के आंकड़े भी चिंताजनक हैं, सूत्रों की मानें तो परिवहन निगम की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में सुल्तानपुर जनपद में सड़क हादसों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

शहर के पयागीपुर व अमहट चौराहे से प्रयागराज व लखनऊ आदि के लिए डग्गामार लग्जरी गाड़ी, मैजिक, निजी बसें खुलेआम दौड़ रहीं हैं। इन वाहनों में ठूंसकर सवारियां भरी जाती हैं, सामान भी छत पर रखा जाता है। मैजिक में लोग लटककर सफर करते हैं।वही एआरटीओ प्रशासन व यातायात पुलिस का कहना है कि शहर में जिन स्थानों से डग्गामार वाहनों की शिकायतें मिल रहीं हैं। वहां पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं अगर जमीनी हकीकत देखी जाए तो सिर्फ कुछ का चालान की प्रक्रिया पूर्ण करके सोशल मीडिया की सुर्खियां बटोरने में महारत हासिल करता दिखाई दे रहा है।