Thursday, March 5, 2026
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सुल्तानपुर के बेसिक स्कूल में हैवानियत पर उतारू गुरु जी,महकमे पर लगाया दाग…

बीएसए साहब से नही संभल रहा महकमा,बैड टच की घटनाओं में इजाफा
छेड़खानी का केस दर्ज,सस्पेंड

​सुलतानपुर। बेसिक स्कूल ने एक बार फिर शिक्षक की शर्मनाक करतूत सामने आई है। मासूम छात्रा से छेड़छाड़/बैड टच करने की जानकारी मिलते ही बीएसए ने तत्काल जांच कराते हुए शिक्षक गिरजेश सिंह को सस्पेंड कर दिया है।मामला 23 फरवरी का हैं।जांच के बहाने दस दिन बीत गए तो पीड़िता के पिता ने गुरुवार को जूनियर विद्यालय पहुंच कर शिकायत किया, उस दौरान पहले से गांव के दर्जनों महिला/पुरुष पहुंच गए थे।पीड़िता का पिता अनसुना होते देख थाने पहुंच कर तहरीर दिया।कोतवाल राम आशीष उपाध्याय ने बताया मुकदमा दर्ज कर आरोपी शिक्षक गिरजेश सिंह की तलाश जारी है।आरोप है कि मंदबुद्धि छात्रा से ‘बैड टच’ आए दिन सहायक अध्यापक गिरजेश सिंह पर बाथरूम के पीछे ले जाकर अश्लील हरकत करते थे।पिछले 5 महीनों से शिक्षक पर बदतमीजी और गलत तरीके से छूने के आरोप लगते रहे है।लेकिन धमकी के चलते कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं था।फिलहाल बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बी ई ओ से जांच कराकर शिक्षक को निलंबित करते हुए कुड़वार बीआरसी से अटैच कर दिया है।इस वारदात की सूचना मिलते ही पीड़िता के घर सीओ आरके चतुर्वेदी ,एसओ ने पहुंच कर जानकारी लिया।

जिले के कई स्कूलों में हो चुकी है गंदी हरकत

विदित रहे कि चाहे विकास खंड पीपी कमैचा,भदैया,बल्दीराय,कूड़वार,जयसिंहपुर क्षेत्र के सरकारी प्राइमरी हो या जूनियर स्कूलों के गुरु जी अपनी मर्यादा भूल गुरु शिष्य परम्परा को तार तार करने से बाज नहीं आ रहे हैं।इनके लिए बीएसए के चाबुक का भी असर नहीं पड़ रहा है।खैर अब अभिभावकों में बेसिक महकमे की तरफ़ से संचालित जूनियर/प्राइमरी में बच्चों को पढ़ाने में डर सताने लगा है।

बाहरी व्यक्ति की इंट्री वाला फरमान भी नहीं बचा पा रहा महकमे के स्कूल की लाज


जब कुछ शिक्षक/शिक्षामित्र मासूम बच्चियों के साथ शर्मनाक हरकत पर उतारू है तो दाग लगना लाजमी है।ऐसे आरोपी शिक्षकों के चलते महकमे के साहब और गुरु जी को शर्मसार होना पड़ रहा है।जिले में बहुत से विद्यालय गुणवत्ता परक शिक्षण कार्य के लिए जाने जाते है कही न कही सम्मानित भी हो रहे है। बीएसए उपेंद्र गुप्ता का तुगलकी फरमान यह कि बाहरी व्यक्ति/मीडिया कर्मी/प्रधान आदि की इंट्री बिना अनुमति न हो। इसके प्रभावी होने से और भी ऐसे दागदार शिक्षक तो निरंकुश होना तय है,साथ एमडीएम व अन्य व्यवस्थाएं भी धराशाई होगी।वजह साफ है हजारों जूनियर/,प्राथमिक विद्यालयों की देखरेख महकमे के चंद अफसरान को रोजाना कर पाना मुश्किल है।

(Disclaimer – प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है।