Report:- Durga Prasad Sultanpur


- अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान से नवाजे गये साहित्यकार राज बहादुर राना
जयसिंहपुर,सुलतानपुर। जिले के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के पत्रकार व साहित्यकार राज बहादुर राना को साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिये भावना कला एवं साहित्य फाउंडेशन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान-2023 से सम्मानित किया है। जिससे साहित्यकारों और क्षेत्रीय लोंगों में खुशी की लहर है।

जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के अमदेवा गांव में जन्मे राजबहादुर राना जी बचपन से ही गीतों और कविताओं की रचनाओं में बहुत ही रुचि रखते थे पढ़ाई के साथ साथ स्कूल के कार्यक्रम में ये अपनी कविताएं और रचनाओं को प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लेते थे। इन्होंने एमए,एलएलबी की शिक्षा के उपरान्त गीतों और कविताओं की रचनाओं के साथ साथ बिरहा की भी रचनाएं करने लगे और बिरहा गायक भी रहे। धीरे धीरे समय बीतता गया और इनके गीतों को इनके शिष्य रेडियो, टेलीविजन और कैसेटों में गाकर एक अच्छे मुकाम पहुंचकर सम्मान भी पाते रहे। धीरे धीरे राजबहादुर राना की रुचि पत्रकारिता के क्षेत्र के साथ साहित्य में रुचि बढ़ गई और आज ये साहित्य के क्षेत्र में अपना विशेष योगदान दे रहे है। इनके साहित्य के क्षेत्र में व अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर इनकी कविता ” हिंदी हिन्द भूमि से हिंदी को दर्शाती है हिन्दी” पर भावना कला एवं साहित्य फाउंडेशन ने इन्हें अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान -2023 से सम्मानित किया है

राजबहादुर राना ने इसका श्रेय व विशेष योगदान वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह, दुर्गा प्रसाद निषाद व समाज सेवी जेपी निषाद गूरेगांव,रमेश निषाद, पाठ्य पुस्तक लेखक सर्वेश कांत वर्मा,अनिल कुमार वर्मा मधुर,डॉ गजेन्द्र प्रसाद निषाद और अपने पूज्य गुरुदेव स्व0 माधवदास को दिया है। राजबहादुर राना को इसके अतिरिक्त साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये दर्जन भर से अधिक सम्मान और उपलब्धियां प्राप्त है। इनको अपने मातृभाषा के प्रचार, प्रसार,उत्थान एवं साहित्य के क्षेत्र संगम अकादमी एवं पब्लिकेशन द्वारा मातृभाषा साहित्य सम्मान-2023 व हिदी साहित्य को समर्पित BMP पब्लिशर द्वारा प्रकाशित साझा काव्य संग्रह “माँ” में उत्कृष्ट साहित्य सृजन हेतु माँ भारती साहित्य सेवा रत्न से भी सम्मानित होने का गौरव मिला है।








