Sunday, January 25, 2026
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सुल्तानपुर बीएसए के खिलाफ प्रदर्शन:- ईसीसीई एजुकेटर भर्ती में फर्जीवाड़े का आरोप,सैकड़ों की संख्या में डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन

सुल्तानपुर। जिले में स्पेशल एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। अभ्यर्थियों ने भर्ती में पारदर्शिता की कमी और ‘रैंडम सिस्टम’ के नाम पर धांधली का आरोप लगाते हुए गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।अभ्यर्थियों की ओर से जिलाधिकारी (डीएम) को संबोधित एक मांग पत्र अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।अभ्यर्थियों ने वर्तमान काउंसलिंग प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से भर्ती करने की मांग की है।मिली जानकारी के अनुसार बीएसए उपेंद्र गुप्ता संलिप्तता से बड़े फ़र्जीवाडा किया गया है।

जानकारी के मुताबिक अभ्यर्थी स्वाति तिवारी, योगिता विश्वकर्मा, गुंजा कुमारी समेत दर्जनों की संख्या में डीएम आफिस पर अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि 2025 में भी यह भर्ती धांधली के कारण रद्द हो गई थी और इस बार भी वही स्थिति दोहराई जा रही है।उच्च मेरिट वाले अभ्यर्थियों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 22, 23 और 24 जनवरी को दस्तावेज़ सत्यापन (DV) होना है। लेकिन कई योग्य अभ्यर्थियों को कोई मेल, कॉल या मैसेज प्राप्त नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि ‘रैंडम सिस्टम’ को रद्द किया जाए और सभी योग्य उम्मीदवारों को एक साथ दस्तावेज़ सत्यापन के लिए बुलाया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बन सके।

अभ्यर्थियों ने बताया कि वे पहले बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय गए थे, जहां उन्हें बताया गया कि ‘रैंडम सिस्टम’ होने के कारण वे कुछ नहीं कर सकते। इसके बाद, न्याय की उम्मीद में वे अपनी बात रखने के लिए जिलाधिकारी कुमार हर्ष के पास पहुंचे हैं।अभियर्थियों का कहना है कि बीएसए साहब व ऑफिस तैनात कर्मी सेटिंग गेटिंग के चक्कर में भर्ती प्रक्रिया के बड़े फर्जीवाड़े की तैयारी में हैअभ्यर्थियों की मांग है कि 23 और 24 जनवरी को होने वाली दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया को निरस्त किया जाए और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान किया जाए। जानकारी के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों को 22, 23 और 24 जनवरी 2026 को दस्तावेज़ सत्यापन के लिए ईमेल के माध्यम से बुलाया गया है। हालांकि, कई ऐसे योग्य अभ्यर्थी भी हैं जो सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं, लेकिन उन्हें सत्यापन के लिए कोई सूचना नहीं मिली है।

सौंपे गए ज्ञापन में जिलाधिकारी कुमार हर्ष से मांग की है वे इस मामले का संज्ञान लें। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि सभी आवेदित उम्मीदवारों के दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।