Friday, April 4, 2025
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सुल्तानपुर में पहली बार श्री अग्नि माता प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव व शत चंडी महायज्ञ 05 मई से

कूरेभार,सुल्तानपुर।जिले में पहली बार श्री अग्नि ज्योति माता प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव व शत चंडी महायज्ञ का शुभारंभ पांच मई से होने का रहा है।इस आयोजन से कलश यात्रा से लेकर महायज्ञ,देवी पाठ व भंडारे का आयोजन छठवें दिन होने जा रहा है।

जमोली गांव के शिवदयाल पांडेय का पुरवा निवासी रेलवे महकमे से रिटायर्ड सीनियर अधिकारी ज्योति प्रकाश पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि नई दिल्ली के महा शक्ति पीठाधीश्वर/महा मंडलेश्वर स्वामी सर्वानंद सरस्वती जी महाराज रस्सावादन कराएंगे।यह आयोजन 05मई को कलश यात्रा सुबह सात बजे इर्द गिर्द गांवों में निकाली जाएगी।11बजे शतचंडी महायज्ञ व शाम 5 से सात बजे तक हर दिन देवी भागवत कथा का अनुश्रवण कराएंगे।दुर्गा सप्त शती पाठ दिन में होगा।दस मई को श्री अग्निमाता प्राण प्रतिष्ठा चक्षु उन्मीलन दिन में 11बजे होगा।दोपहर में शत महायज्ञ की पूर्णाहुति,शाम 05 बजे से भक्तो के आगमन तक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।बता दे एक बार महामंडलेश्वर सर्वानंद जी पिपरी साईं नाथपुर हनुमतपुरम में स्थित संकट मोचन धाम पर पधार चुके है।इस बार जमोली में पधार कर श्रोताओं को कथा के साथ ही आशीर्वाद प्रदान करेंगे।

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ, उपवास और धार्मिक अनुष्ठान का विशेष महत्व होता है. ऐसी मान्यता है कि धार्मिक अनुष्ठान करते समय देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में चल रही कई तरह की बाधाएं खत्म हो जाती हैं. हिंदू धर्म में अलग-अलग प्रयोजनों के लिए विशेष पूजा-पाठ की जाती है. आज हम आपको मां दुर्गा से संबंधित पाठ करने के बारे में बताने जा रहे हैं. मां दूर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है. मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए जिस यज्ञ का आयोजन किया जाता है उसे सत चंडी यज्ञ कहा जाता है