
रैम्प पर “राममय चोला” ओढ़ इठलाई खादी, दमका रेशम
-उत्तर प्रदेश स्टेट मेगा एक्स्पो में फैशन शो का आयोजन
-पारम्परिक रेशम व खादी की हुई मॉडर्न डिजाइन संग जुगलबंदी
डिजाइनर्स के हुनर, मॉडल्स की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
लखनऊ।राम जन-जन का विश्वास हैं…खादी एक विचार और रेशम एक एहसास…इन तीनों का सुंदर समागम हुआ उस फैशन शो के मंच पर…जो नाम से भले ही फैशन शो था लेकिन प्रस्तुति और अनुभूति पूरी तरह से पारम्परिक, आध्यात्मिक और आत्मिक थी।
विगत 03 नवम्बर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुरू हुए उत्तर प्रदेश स्टेट मेगा एक्स्पो के अंतर्गत आयोजित किए गए ‘रेशम एवं खादी’ फैशन शो दिन प्रतिदिन लोकप्रियता बढती ही जा रही है। यहां जिन परिधानों का प्रस्तुतिकरण किया गया और जिस तरह के संगीत पर मॉडल्स ने कैटवॉक किया…उसे देखकर कुछ देर को यही एहसास हुआ कि अयोध्या में श्रीराम की उपस्थिति का चित्रण किया जा रहा है। फैशन शो के साथ ही यहां हास्य व्यंग्य के प्रख्यात हस्ताक्षर सर्वेश अस्थाना ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया।फैशन शो में लखनऊ की मशहूर डिजाइनर अस्मा हुसैन व अदिति जग्गी रस्तोगी जी के डिजाइन किए हुए वस्त्रों का प्रख्यात मॉडल्स ने प्रदर्शन किया।
आयोजन के मुख्य अतिथि माननीय मंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा, वस्त्रोद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश श्री राकेश सचान जी रहे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की धर्मपत्नी श्रीमती नम्रता पाठक, प्रख्यात लोकगायिका मालिनी अवस्थी, डॉ. गौरांग मजूमदार व एसजीपीजीआई से डॉ. आदित्य कपूर, प्रेरणा कपूर, इतिश्री मिश्रा ने शिरकत की। फैशन शो के निर्देशक श्री लोकेश शर्मा जी रहे। साथ ही उ.प्र. रेशम विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक श सुनील कुमार वर्मा तथा प्रमुख सचिव आर. रमेश कुमार जी भी यहां मौजूद रहे।फैशन शो की प्रमुख मॉडल: मिस इंडिया रनरअप व सुपर मॉडल पंखुड़ी गिडवानी, सुपर मॉडल दीप्ति गुजराल, आइरिस मैती व रितु सुहास।
लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि कोई भी परिधान उसकी संस्कृति की पहचान होता है, इसलिए मैं कोशिश करती हूं कि मैं बुनकरों द्वारा बुनी हुई चीजें ही पहनूं…”–नम्रता पाठक ने कहा कि “एक फैशन शो का रामायण थीम पर करना आयोजन करना अतुलनीय है।
प्रधानमंत्री के विजन और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में रामायण पर आधारित यह शो अपने आप में अद्भुत है। हमारा लक्ष्य है कि जो भी ओडीओपी के, स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद हैं, उन्हें एक उचित मंच मिले, ताकि उनकी मेहनत का सम्मान हो सके- मा. मंत्री श्री राकेश सचान जी