निष्पक्ष जांच के बजाय पैसे के बल पर कोटा बहाल करने का डीएसओ व सप्लाई इंस्पेक्टर पर लगा आरोप।सीडीओ ने एसडीएम सदर व डीएसओ को जांच करने के दिए आदेशसुल्तानपुर।चार माह तक हवा में जांच की गई।फिर निष्पक्ष जांच न कर कोटे को बहाल कर दिया गया।जब कई वर्षों से जमे कोटेदार के यहां राशन से लदा वाहन पहुंचा तो शिकायत कर्ता राशन कार्ड धारकों में हड़कम्प मच गया।फिलहाल दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर डीएम के जनता दरबार मे शिकायत की है।मामला कूरेभार ब्लाक के सैदखानपुर गांव का है।यह गांव 15 पुरवो से संचालित हैं।इस गांव में एक कोटा नही दो कोटे की जरूरत हैं।पिछले चार माह पहले कोटेदार शीतला यादव के खिलाफ करीब 70 राशन कार्ड धारकों मय शपथपत्र शिकायत किया था। निष्पक्ष जांच के लिए जनप्रतिनिधि ने भी अफसरों से कहा था।शिकायत होते ही कोटा निलंबित भी कर दिया गया।एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी ने डीएसओ जीवेश मौर्य को निष्पक्ष जांच को कहा।ग्रामीणों का आरोप कागजी खाना पूर्ति कर डीएसओ ने दी कलीनचिटऐसे में शिकायतकर्ता ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार से डीएसओ जीवेश मौर्य व सप्लाई इंस्पेक्टर मयंक चतुर्वेदी मिल गए है जिसके चलते कागजी खाना पूर्ति की गई है।15 पुरवो में बयान लेने के बजाय एक दो पुरवो के 10-12 लोगो से ही बयान ले क्लीन चिट दे दी हैं।कोटेदार पर तीन चार किलो राशन कम देने व मनमानी वितरण का आरोप लगा था।निष्पक्ष जांच न होने से ग्रामीणों में आक्रोश हैं। जांच के दिन व पहले भी कोटेदार व उनके लड़के ने ग्रामीणों को धमकी …