Wednesday, January 28, 2026
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यूजीसी को लेकर अधिवक्ताओं ने की हंगामेदार बैठक:- प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

बीकापुर,अयोध्या।यूजीसी के नए प्रावधान और नीतियों को लेकर जगह-जगह विरोध के बाद अधिवक्ता समाज भी नीतियों के विरोध में उतर चुका है।देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी की नीतियों एवं प्रस्तावों के विरोध में बार एसोसिएशन बीकापुर की एक आपात बैठक बुधवार को अधिवक्ता सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए कानून के प्रावधान और नीतियों को लेकर गहरा आक्रोश जताया गया। तथा उप जिलाधिकारी श्रेया के माध्यम से राष्ट्रपति को तीन सूत्रीय मांग पत्र भेज कर काले कानून को वापस लिए जाने की मांग की गई है। मांग पत्र में इसे काला कानून बताते हुए कहा गया है कि यह भविष्य में बिखराव पैदा करेगा और इससे जातीय वैमनस्यता पैदा होगी। जो सामाजिक हित में नहीं है। बताया गया कि 13 जनवरी 2026 को पारित यूजीसी कानून के चलते छात्रों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी। और इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अधिवक्ताओं द्वारा यूजीसी विल को समाज विरोधी बताया गया है।

यूजीसी द्वारा लागू एवं प्रस्तावित नीतियों को शिक्षा की स्वायत्तता, गुणवत्ता और समान अवसरों के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष अवध राम यादव, उपाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष राम बचन पांडेय, मंत्री देवी दयाल मिश्रा, लेखा परीक्षक बृजेश तिवारी, राम जगत तिवारी, आसाराम निषाद, श्रवण दुबे, सदानंद पाठक, पुष्पेंद्र मिश्रा, अरुण मिश्रा, दिनेश पांडेय, प्रवीण कुमार, श्याम सुंदर कनौजिया, राम सिंह यादव, हरगोविंद वर्मा, विजय प्रकाश मिश्र, पूर्व अध्यक्ष उमेश पांडेय, आबाद अहमद खा, बृजेश यादव सहित तहसील के तमाम अधिवक्ता शामिल रहे