डीजीपी के फरमान को नजरअंदाज कर बल्दीराय के इंस्पेक्टर नारद मुनि व दरोगा राकेश ओझा ने कराया जबरन कब्जा
-वायरल वीडियो बता रही पुलिस की संलिप्तता,इंस्पेक्टर ने खड़े होकर जबरन करवाया अवैध निर्माण।
-नियम कानून ताक पर रखा उल पीड़िता व परिजनों के खिलाफ दर्ज कर किया मुकदमा।
सुल्तानपुर(दस्तक भारत न्यूज)।यूपी में भले ही सीएम योगी के अफसर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा करते हो,लेकिन यूपी पुलिस उनकी साख पर दाग लगाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रही है।जहां एक ओर यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण का फरमान है की राजस्व व जमीनी विवाद में पुलिस हस्तक्षेप न करे वही सुल्तानपुर पुलिस के इंस्पेक्टर नारद मुनि ने वर्दी पर दाग लगाते हुए मानवता को शर्मशार कर दिया है।पुलिस कप्तान कुंवर अनुपम सिंह ने भी अभी तक इस मामले में कोई एक्शन नही लिया है ।
पजानकारी के मुताबिक पूरा मामला बल्दीराय थाने के पुलिस चौकी देहली बाजार के बेरासा ऐंजर से जुड़ा है।बल्दीराय इंस्पेक्टर नारद मुनि व दरोगा राकेश ओझा का निर्माण स्थल पर खड़े होकर अवैध कब्जा कराने का वीडियो वायरल है। वायरल वीडियो देखने से स्पष्ट है कि बिना किसी लाभ व मोटी रकम के इंस्पेक्टर व दारोगा जी मौके पर गए हो।जबकि देखा जाय तो अमूमन जमीनी विवाद का मामला राजस्व महकमे के जिम्मेदार लेखपाल से लेकर एसडीएम तक निस्तारित करते है।यहां तो हद तो तब हो गयी जब इंस्पेक्टर नारद ममुनि खुद जाकर अवैध निर्माण की जिम्मेदारी व गारंटी भी ले ली।इस पूरे मामले की की शिकायत एसपी कुंवर अनुपम सिंह से की गई है।पहले भी इसी प्रकरण की कई बार शिकायत थाने,एसपी, मुख्यमंत्री से हो चुकी है।

जमीन विवाद सुलझाने के लिए मोटी रकम वसूलते है इंस्पेक्टर साहब
बताते चले कि मामला बल्दीराय थाने के पुलिस चौकी देहली बाजार के बेरासा ऐंजर का है। यहां पर जमीनी विवाद में राजस्व महकमा नहीं बल्दीराय के इंस्पेक्टर नारद मुनि व दरोगा राकेश ओझा व उनकी पुलिस शामिल हैं।पहले भी शिकायत किया था।शनिवार को जबरन दो दर्जन लोग शिवकुमार पांडेय की तरफ से लाठी डंडे व अवैध हथियार से लैश आ गए।जबरन निर्माण शुरू कर दिए।पीड़िता कल्पना पांडेय पुत्री रमेश पांडे ने रोकने का प्रयास किया तो गाली गलौज करते हुए पीड़िता व उसकी मां को मारे पीटे।तब तत्काल हो रहे जबरन कब्जे की शिकायत डायल 112 व इंस्पेक्टर से किया।जब पुलिस इंस्पेक्टर व दरोगा पहुंचे तो हो रहे निर्माण को रोकवाने के बजाय उल्टे ही डांटने लगे। उधर निर्माण चलता रहा।यह स्थिति तब है जिस शिकायतकर्ता पीड़िता की सूचना पर डायल 112,लोकल दरोगा व थाना प्रभारी जाते है, उसी को डांटने लगते है। उधर जबरन निर्माण और तेजी पकड़ लेता है।राजस्व महकमे का मौके पर एक भी कर्मी तक नहीं, इंस्पेक्टर साहब खुद जमीन पर निर्णय देते है।जो वीडियो में स्पष्ट सुनाई दे रहा है।ये आदेश कौन दिया पता नहीं।लेकिन इस तरह पुलिस का जमीनी विवाद में हस्तक्षेप से लग रहा था कि चढ़ावा भारी था।तभी तो वीडियो आदि की परवाह किए बिना कब्जा कराने में जुटे रहे।हद तो तब हो जाती है शिकायतकर्ता /पीड़िता कल्पना पांडेय की तरफ से दी गई तहरीर(संदीप पांडेय टीकर,संतोष, राजेश, कृष्ण कुमार शिव कुमार) को नजरंदाज कर जबरन कब्जा कर रहे शिवकुमार पांडेय की तरफ से तहरीर लेकर पीड़िता समेत कई के खिलाफ उल्टे मुकदमे भी लिख देती है।

इंस्पेक्टर ने खुलेआम डीजीपी व कमांडर के आदेशों का उड़ाया मजाक
ऐसे में खुलेआम डीजीपी व जिले के एसपी के निर्देश जमीनी विवाद में न जाय पुलिस जैसे आदेशों की धज्जियां बल्दीराय इंस्पेक्टर नारद मुनि,दरोगा राकेश ओझा व उनकी पुलिस ने उड़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो खुद ब खुद जमीनी विवाद में पुलिस की संलिप्तता की पोल खोलने के लिए काफी है। देखना यह होगा कि जिले के तेज तर्रार एसपी कुंवर अनुपम सिंह क्या कुछ एक्शन लेते है। या क्लीन चिट देते है।पीड़िता ने फिर शिकायत एसपी, आईजी व मुख्यमंत्री से किया है।फिलहाल दस्तक भारत वायरल विडियोज की पुष्टि नहीं करता है।








