सुल्तानपुर में बीएसए व बीईओ के खिलाफ शिक्षक ने की सीएम से शिकायत, चर्चाएं आम
आखिर ये कैसा निलंबन,जब स्कूली बैंक खाते से नहीं निकाले पैसे।
-पक्षपात पूर्ण आख्या व एक्शन पर बीईओ व बीएसए पर लगा आरोप।
-निलंबित शिक्षक शुभम को किया गया बर्खास्त,नियम विरुद्ध कार्यवाही पर खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा।
सुल्तानपुर(दस्तक भारत न्यूज)। निलंबित शिक्षक ने बीईओ व बीएसए पर निलंबन न करने के एवज में सवा लाख रु की डिमांड की थी। न देने पर निलंबित किया गया है।फिलहाल शिक्षक ने सीएम,डीएम व विभागीय अफसरों से लिखित शिकायत किया है। अफसरों के खिलाफ तरह की चर्चाएं आम है।
कादीपुर के मकदुमपुर में तैनात रहे निलंबित शिक्षक नरेंद्र कुमार पांडेय का आरोप है बीएसए उपेंद्र गुप्ता अवैध वसूली के लिए जांच कराते है बचाने के लिए रिश्वत न मिलने पर निलंबित कर देते है।बहाली न कर बर्खास्तगी की संस्तुति करते हैं।जो भी आरोप लगाए गए है सारे निराधार है।शिक्षक ने किसी भी खाते से कोई धन निकासी नहीं की है।इसके बावजूद स्कूल की बिल्डिंग की पुताई साज सज्जा में करीब पचास हजार रु स्वयं खर्च किए है।फिलहाल लंभुआ के बीआरसी पर ज्वाइन कर काम कर रहा है।पहले भी निलंबन आधार हीन तरीके से किया गया था।

अब तक आधा दर्जन से ज्यादा शिक्षक की सेवा हो चुकी है समाप्त
देखा जाय तो शिक्षकों पर लगे आरोपों के चलते उनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी है।ये शिक्षक देहरियानवा की टीचर नीलम पटेल, गारव पुर की अनुश्रुति राज,हसनपुर जीनत अंसारी, जखनी कला के राजेश कुमार, कुकुड़ीपुर की मृदु श्रीवास्तव,फ़रीदीपुर की दीपा कोरी,अंगनाकोल की श्वेता सिंह,कौशल्यपुर के विनय त्रिपाठी व कस्बा के शुभम त्रिपाठी की सेवा समाप्ति की जा चुकी हैं।
बीएसए पर लग चुके है रिश्वतखोरी के आरोप
जब बीएसए उपेंद्र गुप्ता हाथरस में तैनात थे तभी आगरा की विजलेंस टीम ने छापेमारी करते हुए विभाग के बाबू देवेंद्र सिंह को रंगे हाथ तीस हजार रु लेते दबोचा था। टीम को बाबू ने बयान में कहा कि इसमें से बीएसए को 25 हजार रु देने थे।यही नहीं बीएसए पर विजलेंस टीम का सहयोग न करने का आरोप लगा था।ये पूरी कार्यवाही शिकायतकर्ता सिद्धार्थ कुमार की कंप्लेन पर हुई थी।अभी भी प्रकरण लंबित है।इसी बीच तबादला हो गया।
आरोपी शिक्षक शुभम हुए बर्खास्त
कूरेभार के मोलनापुर कस्बा में तैनात रहे शिक्षक शुभम त्रिपाठी बीटेक की पढ़ाई किया है।दो माह पहले बी ई ओ व महिला टीचर से अभद्रता के आरोप लगे थे। चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं किए।विदित रहे शुभम त्रिपाठी कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारी सुशील त्रिपाठी के लड़के है।फिलहाल पीड़ित शुभम त्रिपाठी हाईकोर्ट में बर्खास्ती को चुनौती देंगे।








